ZEE जानकारी: जब सेना के जवान ठंड में अपनी हड्डियां गलाते हैं तब जाकर हमको सुरक्षित जीवन की गारंटी मिलती है

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1 दिसम्बर से लेकर 7 दिसम्बर तक..पूरे देश में Armed Forces Week मनाया जा रहा है. वर्ष 1949 से हर साल, 7 दिसम्बर को Armed Forces Flag Day के रूप में मनाया जाता है. हालांकि, इस बार इस दिन से जुड़ा देशभक्ति का जोश कई गुना बढ़ गया है. क्योंकि, इस बार रक्षा मंत्रालय की तरफ से एक Campaign की शुरुआत की गई है, जिसके तहत पूरे देश को एकसूत्र में बांधने की कोशिश हो रही है. आप भी सेना के तीनों अंगों के रंग से सजे हुए झंडे को अपने सीने पर लगाकर…उन्हें नमन कर सकते हैं. मैंने भी ये Flag लगाया हुआ है.. और आप भी ये Flag अपने सीने पर लगा सकते हैं.  और उनके परिवारों की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए आप अपने स्तर पर छोटी सी कोशिश कर सकते हैं… इसके Details आप लगातार अपनी TV Screen पर देख पाएंगे. 

आपको याद रखना चाहिए.. कि जब सेना के जवान.. ठंड में अपनी हड्डियां गलाते हैं और अपने सीने पर गोली खाते हैं.. तब जाकर आपको.. और हमको… एक सुरक्षित जीवन जीने की गारंटी मिलती है. जवानों का जीवन कितना कठिन होता है.. इसका एहसास आपको नहीं होगा.. इसके लिए आपको उन दुर्गम इलाक़ों को देखना चाहिए.. जहां हमारे जवान सीना तानकर खड़े रहते हैं. ये वो जगहें हैं…जहां आम इंसान जाने के बारे में सोच भी नहीं सकता… आपको भी शायद अपने जीवन में कभी ऐसे इलाक़ों में जाने का मौका ना मिले.. इसलिए हमारी टीम ने आपके लिए इस दुर्गम इलाक़े की यात्रा की है.

हमारी टीम ने इसे एक Challenge के तौर पर लिया. और हिमाचल प्रदेश में किन्नौर और लाहौल स्पीति ज़िलों की सीमा तक जाने का फैसला किया. हम जिन रास्तों से गुज़रे, उनकी तस्वीरें देखकर आप ये सोचेंगे…कि हमारी टीम वहां तक सुरक्षित कैसे पहुंच गई ? ये वही जगह थी…जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष Dogra Scouts और ITBP के जवानों के साथ दीपावली मनाई थी. हमारा मकसद था.. आपको….इन सैनिकों के.. और क़रीब ले जाना. 

Scouts Battalion की तैनाती आम तौर पर सीमा से सटे इलाकों में की जाती है. और इनके सैनिकों को स्थानीय इलाक़ों से ही भर्ती किया जाता है. Dogra Scouts में मुख्यतौर पर किन्नौर और लाहौल स्पीति ज़िलों से ही सैनिक भर्ती किए जाते हैं. यहां सर्दियों में तापमान Minus 20 से Minus 25 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर जाता है. बर्फबारी इतनी भीषण होती है, कि देश के बाकी हिस्सों से ये पूरा इलाका कट जाता है. इसके बावजूद सीमा की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती. Dogra Scouts के सैनिकों का काम है – दुश्मन पर नज़र रखना, किसी हमले के दौरान दुश्मन को उलझाना और रास्तों को तोड़कर उसके आगे बढ़ने की रफ्तार को कम करना. ये सैनिक अपना काम, दुश्मन की नज़रों से छिपकर छोटे दस्तों में करते हैं. इनका अपना कोई पक्का ठिकाना नहीं होता और ये पहाड़ों में मौजूद गुफाओं में रहते हैं. इन गुफाओं को Hide कहा जाता है. इसलिए, इनका काम बहुत मुश्किल होता है. Zee News पर हमने आपको Sikkim Scouts और Garhwal Scouts के बारे में विस्तार से जानकारी दी है, लेकिन आज आप पहली बार Dogra Scouts के जवानों से मिलेंगे. क्योंकि जब Dogra Scouts के सैनिक मोर्चा संभालते हैं…तो दुश्मन डर के मारे कांपने लगते हैं. 

हमें लगता है…कि Armed Forces Week के दौरान देश के सैनिकों के लिए कुछ वक्त तो निकाला ही जा सकता है. इसलिए आज आप ध्यान से हमारी ये रिपोर्ट देखिए. याद रखिए…कि जिस वक्त आप हमारी रिपोर्ट देख रहे होंगे…उस वक्त किन्नौर का तापमान Minus 5 डिग्री सेल्सियस है, जो अगले कुछ दिनों के अंदर Minus 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा. यानी वहां का मौसम हड्डियां गला देने वाला है…लेकिन Dogra Scouts का शौर्य.. इस ठंड पर हमेशा भारी पड़ जाता है. 

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