ZEE जानकारी: क्यों कुछ लोग उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट को फर्जी बता रहे हैं

0
11

Advance Call Recorder

आजकल Fake News का ज़माना है… आपने ख़बरों की दुनिया में Fake News और News Tampering जैसे शब्दों के बारे में ज़रुर सुना होगा. लेकिन, अगर हम आपसे ये कहें…कि अब Missile Launching की तस्वीरों के साथ भी Tampering होने लगी है, तो क्या आप यकीन करेंगे ? ये सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन आज हम आपको North Korea के एक ऐसे ही झूठ के बारे में बताएंगे.

29 नवंबर को North Korea ने भारतीय समय के अनुसार रात 12 बजकर 20 मिनट पर Hwasong-15  ((ह्वासॉन्ग)) नामक Inter-continental Ballistic Missile का सफल परीक्षण किया था. इस मिसाइल के बारे में ये दावा किया गया, कि इसकी Range में दुनिया की 85 फीसदी आबादी आती है. इस सफल परीक्षण के बाद North Korea में बड़े पैमाने पर जश्न मनाया गया. जमकर आतिशबाज़ी भी हुई. और वहां के तानाशाह …किम जोंग उन… की लम्बी उम्र के लिए दुआएं भी की गईं. लेकिन अब कुछ Experts ये दावा कर रहे हैं कि ये Missile Test फर्ज़ी था और इसकी Launching के बाद जारी की गई तस्वीरें भी Fake थीं. 

ये दावा करने वाले व्यक्ति का नाम है…डॉक्टर Marco Langbruk….जो एक Spy Satellite Tracker हैं. इस व्यक्ति ने North Korean State Media की तरफ से जारी की गई तस्वीरों को फर्ज़ी बताया है. और ये कहा है, कि किम जोंग उन..  ने दुनिया को भ्रमित करने का प्रयास किया है. हमने भी आज दिनभर इन तस्वीरों का गहन विश्लेषण किया, और हमें भी इन तस्वीरों पर शक़ हुआ.

North Korea ने Missile Launching की जो तस्वीरें जारी की थीं…वो एक ही Angle से ली गई थीं…लेकिन दोनों तस्वीरों का Background बिल्कुल अलग था. इन दोनों तस्वीरों को ध्यान से देखने पर ये पता चलता है, कि आसमान में मौजूद अलग-अलग तारों के समूह, एक ही वक्त पर अलग-अलग दिशाएं बता रहे हैं.

पहली तस्वीर में आपको Orion तारामंडल दिखाई देगा. इसे कालपुरुष भी कहा जाता है. और ये आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम दिशा के आसमान में दिखाई देता है. जबकि दूसरी तस्वीर में आपको Andromeda तारामंडल दिखाई देगा. जो आम तौर पर उत्तर-पश्चिम दिशा के  आसमान में दिखता है. 

अब सवाल ये है, कि दो अलग-अलग दिशाओं के तारामंडल, एक ही Angle से ली गई अलग-अलग तस्वीरों में कैसे दिखाई दे रहे हैं ? अगर आप दोनों तस्वीरों को ध्यान से देखेंगे, तो ये समझ जाएंगे, कि Missile Launching के दौरान पैदा होने वाला धुआं एक जैसे आकार में है. यानी तस्वीरों का नीचे का हिस्सा तो एक जैसा है, लेकिन आसमान वाले हिस्से को बदल दिया गया है. ये सारे तर्क और सबूत देखने के बाद डॉक्टर Marco की बातें सही लगती हैं. हालांकि, अब भी इसकी अच्छी तरह जांच करने की ज़रुरत है.

पिछले कुछ हफ्तों से हम लगातार North Korea के इस ‘झूठे चरित्र’ का DNA टेस्ट कर रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले ही हमने North Korea और South Korea की सीमा पर मौजूद DMZ यानी De-militarized Zone से आपको Ground Reporting दिखाई थी. लेकिन, आज हमारा विश्लेषण, North Korea के एक और झूठ को Expose करेगा. क्योंकि, आज Zee News के कैमरे के सामने तानाशाह किम जोंग उन… के सताए हुए लोग…आपसे और पूरी दुनिया से बात करेंगे. नॉर्थ कोरिया का तानाशाह हमेशा ये दावा करता है, कि उसके देश के लोग बहुत खुश हैं…उसका देश बहुत प्रगति कर रहा है. वो इस बात का भी प्रचार करता है….कि वहां पर लोगों को हर प्रकार की आज़ादी है. लेकिन North Korea का सच कुछ और है. इस वक्त हम और आप साल 2017 में जी रहे हैं. लेकिन, North Korea के कैलेंडर के मुताबिक, ये साल 2017 नहीं, बल्कि Juche 106 है. 

उत्तर कोरिया में Juche शब्द का इस्तेमाल Self Reliance के लिए किया जाता है. जिसका मतलब ये होता है, कि North Korea किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं है. हालांकि, एक सच ये भी है, कि वो…आज भी चीन जैसे देशों के भरोसे ज़िन्दा है.

वहां पर सरकार की आलोचना करने की आज़ादी किसी को नहीं है. अगर कोई ऐसा करता है, तो उसे कड़ी सज़ा दी जाती है. कई बार तो लोगों की हत्या भी कर दी जाती है. आपने ऐसी कई ख़बरें देखी और सुनी होंगी.

आपको ये जानकर झटका लगेगा…कि North Korea में Three Generations Of Punishment का नियम है.
यानी अगर किसी परिवार का कोई व्यक्ति कानून तोड़ता है और उसे जेल भेजा जाता है, तो उस व्यक्ति के बच्चों, उसके मां-बाप और Grandparents को सज़ा के तौर पर जेल में उसके साथ काम करना पड़ सकता है.

एक अनुमान के मुताबिक, वहां की जेलों में इस वक्त 2 लाख से ज़्यादा लोग बंधक हैं. उन्हें ऐसे Prison Camps में रखा गया है, जिसके चारों तरफ कंटीली तारें लगी हुई है..जिनमें बिजली की  यानी अगर किसी ने जेल से भागने की कोशिश की, तो उसकी मौत निश्चित है.

Amnesty International की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में बंद 40 फीसदी लोग, या तो भुखमरी से मरते हैं या फिर Mining जैसे काम करते हुए बीमार होने की वजह से मारे जाते हैं.

वहां के नागरिकों के पास अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं है, यहां तक कि वो अपनी मर्ज़ी से Haircut भी नहीं करवा सकते. North Korea में सिर्फ 28 प्रकार के Haircuts की आज़ादी है. 

वहां अविवाहित महिलाओं के बाल छोटे होने ज़रुरी हैं. इसके अलावा, युवाओं के बाल 2 इंच से छोटे होने चाहिए. 

हैरानी की बात ये है, कि North Korea में कोई भी व्यक्ति… 8 जुलाई और 17 दिसम्बर को किसी भी प्रकार का Celebration नहीं कर सकता, फिर चाहे वो दिन उसकी ज़िंदगी में कितना भी महत्वपूर्ण क्यों ना हो.

ऐसा इसलिए है, क्योंकि 8 जुलाई को वहां के पूर्व तानाशाह Kim il-sung और 17 दिसम्बर को Workers’ Party of Korea के पूर्व महासचिव, Kim Jong-il का निधन हुआ था. 

North Korea दुनिया का सबसे अलग-थलग देश है. ना तो उसके लोग दूसरे देशों में आसानी से जा पाते हैं और ना ही दुनिया के दूसरे देशों के लोगों को वहां Entry मिल पाती है. 

North Korea में हर 5 साल में चुनाव होता है, लेकिन उम्मीदवारों की List पर सिर्फ एक व्यक्ति का नाम होता है.. और वो हैं तानाशाह किम जॉन्ग उन…
अगर कोई Voter.. उन्हें Vote नहीं देना चाहता, तो वो Cross का निशान लगा सकता है, लेकिन इसके लिए उसे अपना नाम बताना पड़ता है. तानाशाह को वोट ना देने की बात.. आराम से सिस्टम को पता चल जाती है.. और फिर बाद में उसके साथ बहुत बुरा सलूक किया जाता है. 

North Korea के ऐसे कई और राज़ हैं…जिनके बारे में दुनिया नहीं जानती. और एक ऐसा ही रहस्य है, वहां के नागरिकों पर होने वाला अत्याचार. इसे समझने के लिए आपको किम जोंग उन द्वारा सताए गए लोगों की बातें सुननी होंगी. Zee News के संवाददाता मनीष शुक्ला ने…सीधे उन लोगों से बात की है…जो नॉर्थ कोरिया में रहते थे और किसी तरह वहां से जान बचाकर भागने में कामयाब हुए हैं.

Leave a Reply