India’s fiscal first half direct tax collections surged 15.8%– Article

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वित्त वर्ष 2017-18 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के बीच प्रत्‍यक्ष कर (डायरेक्ट टैक्स) के रूप में कुल 3.86 लाख करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है. यह पिछले वर्ष की इस अवधि के मुकाबले 15.8 फीसदी अधिक है.

News18Hindi

Updated: October 11, 2017, 6:17 PM IST

वित्त वर्ष 2017-18 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के बीच प्रत्‍यक्ष कर (डायरेक्ट टैक्स) के रूप में कुल 3.86 लाख करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है. यह पिछले वर्ष की इस अवधि के मुकाबले 15.8 फीसदी अधिक है. यह अपने आप में इकोनॉमी के रिकवरी का ठोस संकेत है. इन आंकड़ों से सरकार उत्‍साहित है और उसे लगने लगा है कि अभी तक सुस्‍त चल रही ग्रोथ जल्‍द रफ्तार पकड़ सकती है.

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा तैयार आंकड़ों के मुताबिक सितंबर तक जो राजस्व मिला है, वह इस वर्ष के लिए तय किए गए बजट अनुमान के मुकाबले 39.4 फीसदी अधिक है.

9.8 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य
वर्ष 2017-18 के लिए सरकार ने डायरेक्ट टैक्स मद में 9.8 लाख करोड़ रुपये के राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया है.रिफंड से पहले का आंकड़ा 4.66 लाख करोड़
अप्रैल से सितंबर के दौरान यदि कुल कर वसूली में से रिफंड से पहले के आंकड़ों को देखें तो यह 4.66  लाख करोड़ रुपये रही है, जो एक वर्ष पहले के मुकाबले 10.3 फीसदी अधिक है. इस वर्ष सितंबर तक कुल 7,9660 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया जा चुका है.

एडवांस टैक्‍स में तेजी का फायदा
वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया है कि एडवांस टैक्स भरने में आई तेजी का फायदा मिला है. इसकी वजह से बेहतर टैक्स कलेक्शन हुआ है. सितंबर तक एडवांस टैक्स कलेक्शन 1.77 लाख करोड़ रुपये रहा. पिछले साल के मुकाबले यह 11.5 फीसदी ज्यादा है. एडवांस कॉरपोरेट इनकम टैक्स (सीआईटी) में 8.1 फीसदी और व्यक्तिगत आयकर एडवांस टैक्स 30.1 फीसदी रहा.

79,660 का रिफंड दिया गया
वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस दौरान 79,660 करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया. रिफंड से पहले जमा हुए टैक्स की बात करें, तो इसमें भी 10.3 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है और अप्रैल-सितंबर के बीच यह 4.66 लाख करोड़ रुपये रहा.



First published: October 11, 2017

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