तालिबान के चंगुल में फंसे परिवार को पाकिस्तानी सेना ने छुड़ाया

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पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि उनके सैनिकों ने अफ़गानी तालिबान के चंगुल से उत्तर अमरीका के पांच सदस्यों के एक परिवार को छुड़ा लिया है.

पाकिस्तानी सेना का कहना है कि अमरीका से मिली एक ख़बर के बाद अफ़गानिस्तान सीमा पर एक अभियान के दौरान इस परिवार को मुक्त कराया गया.

कनाडा के जोशुआ बोयल और उनकी अमरीकी पत्नी कैटलन कोलमैन को अफ़गानिस्तान में साल 2012 में अपहरण कर लिया गया था. कैद में उनके तीन बच्चे हुए थे.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसे “अमरीका और पाकिस्तान के बीच रिश्तों के लिए “सकारात्मक” बताया है.

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व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति ट्रंप का एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा है, “कैद में कोलमैन ने अपने तीन बच्चों को जन्म दिया था. आज वो सब आज़ाद हैं.”

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान सेना की सहयोग इस बात का संकेत है कि वो इलाके की सुरक्षा के लिए अधिक काम करने की अमरीका की इच्छा का सम्मान करता है.”

क्यों किया था अपहरण

पाकिस्तानी सेना का कहना है कि अमरीकी खुफिया एजेंसियां इस परिवार को अफ़गानिस्तान में ढूंढ रही थी. यह सूचना मिली थी कि 11 अक्तूबर को इस परिवार को सीमा पार करा कर पाकिस्तान के आदिवासी बहुल ज़िले कुर्रम ले जाया गया था.

इस्लामाबाद में अमरीकी दूतावास के प्रवक्ता ने एएफपी न्यूज एजेंसी से कहा, “हम लोग मीडिया रिपोर्ट का स्वागत करते हैं जिसमें कहा गया है कि एक परिवार को रिहा किया गया है जिसमें अमरीका के लोग शामिल हैं.”

तालिबान समर्थक हक्कानी नेटवर्क ने कैद के दौरान दंपत्ति का वीडियो जारी किया था. विद्रोही समूह अफ़गानिस्तान में अपने तीन कैदियों के रिहाई की मांग कर रहे थे.

बीते दिसंबर में जारी किए गए वीडियो में दंपत्ति को दो बेटों के साथ दिखाया गया था. इस वीडियो में कोलमैन कैद को बुरा सपना बताते हुए इसे खत्म करने की विनती कर रही थी. जब उनका और उनके पति का अपहरण किया गया था वो गर्भवती थीं.

बीते कुछ वक्त से अमरीका और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं.

अमरीका आरोप लगा चुका है कि पाकिस्तान कथित इस्लामी चरमपंथी संगठन जैसे हक्कानी नेटवर्क को अपनी सरज़मीन पर काम करने की इजाज़त देता है और पाकिस्तान खुफ़िया विभाग के तालिबान के साथ और अफगानिस्तान सीमा से संचालित हो रहे चरमपंथी संगठनों के साथ करीबी रिश्ते हैं.

हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि अमरीका यह समझ नहीं पा रहा है कि चरमपंथी हमलों के बीच अपनी ज़मीन पर रहने के लिए उन्होंने कितनी कुर्बानियां दी हैं.

पाकिस्तान का कहना है कि जोशुआ बोयल के परिवार को छुड़ाने के लिए किया गया सफल ऑपरेशन यह दर्शाता है कि उनका अमरीका के साथ मजबूत संबंध है.

सेना के बयान में कहा गया है कि यह सफलता समय पर खुफ़िया सूचना दिए जाने का महत्व और दोनों देशों की सेना का दुश्मनों से लड़ने के लिए पाकिस्तान तत्परता को दर्शाता है.

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